रायसेन में आंधी-बारिश से गेहूं की फसल आड़ी:किसान बोले- कटाई में अभी देरी, सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं हुए, चमक कम होगी
रायसेन में आंधी-बारिश से गेहूं की फसल आड़ी:किसान बोले- कटाई में अभी देरी, सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं हुए, चमक कम होगी
रायसेन जिला मुख्यालय पर गुरुवार रात करीब 11:30 बजे आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हुई। एक घंटे तक जारी रही इस बारिश से खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसलें आड़ी हो गईं और पानी में भीग गईं। किसानों का कहना है कि इस बारिश से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। आड़ी हुई फसलों के दोबारा सीधा होने की कोई संभावना नहीं है, जिससे कटाई का काम 8 से 10 दिन आगे बढ़ जाएगा। किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब अपना कर्ज कैसे चुकाएंगे। बारिश में भीगने और आड़ी होने के कारण गेहूं की फसल की चमक चली जाएगी। इसके अलावा, अब हार्वेस्टर भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं, जिससे आड़ी हुई फसल को मजदूरों से कटवाना पड़ेगा, जो एक अतिरिक्त बोझ है। किसान बोले- खरीदी भी नहीं की शुरू अब बारिश की भी मार किसानों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा अब तक सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं किए गए हैं, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। गौरतलब है कि बीते तीन दिनों से रायसेन जिले के कई स्थानों पर खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार 1 अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीदी केंद्र शुरू कर देती, तो वे अपनी फसल काटकर अब तक बेच चुके होते और उन्हें इस नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। रायसेन जिला मुख्यालय के मऊ पथराई रोड पर भी कई खेतों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। यहां किसान रातभर किसान अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बारिश में परेशान होते रहे। देखें तीन तस्वीरें….
रायसेन जिला मुख्यालय पर गुरुवार रात करीब 11:30 बजे आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश हुई। एक घंटे तक जारी रही इस बारिश से खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसलें आड़ी हो गईं और पानी में भीग गईं। किसानों का कहना है कि इस बारिश से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। आड़ी हुई फसलों के दोबारा सीधा होने की कोई संभावना नहीं है, जिससे कटाई का काम 8 से 10 दिन आगे बढ़ जाएगा। किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब अपना कर्ज कैसे चुकाएंगे। बारिश में भीगने और आड़ी होने के कारण गेहूं की फसल की चमक चली जाएगी। इसके अलावा, अब हार्वेस्टर भी आसानी से नहीं मिल रहे हैं, जिससे आड़ी हुई फसल को मजदूरों से कटवाना पड़ेगा, जो एक अतिरिक्त बोझ है। किसान बोले- खरीदी भी नहीं की शुरू अब बारिश की भी मार किसानों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा अब तक सरकारी खरीद केंद्र शुरू नहीं किए गए हैं, जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। गौरतलब है कि बीते तीन दिनों से रायसेन जिले के कई स्थानों पर खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को पहले ही काफी नुकसान हो चुका है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार 1 अप्रैल से सरकारी गेहूं खरीदी केंद्र शुरू कर देती, तो वे अपनी फसल काटकर अब तक बेच चुके होते और उन्हें इस नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता। रायसेन जिला मुख्यालय के मऊ पथराई रोड पर भी कई खेतों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई है। यहां किसान रातभर किसान अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बारिश में परेशान होते रहे। देखें तीन तस्वीरें….