एसईसीएल भूमि अधिग्रहण का ग्रामीणों ने किया विरोध, कलेक्टर को सौंपा आवेदन
एसईसीएल भूमि अधिग्रहण का ग्रामीणों ने किया विरोध, कलेक्टर को सौंपा आवेदन
छत्तीसगढ़ संवाददाता
लखनपुर,17 जुलाई। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कटकोना के ग्रामीणों ने एसईसीएल अमेरा परियोजना के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए कलेक्टर सरगुजा को फॉलोअप आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत भी आवेदन देकर अधिग्रहण से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल अमेरा परियोजना की ओर से 30 मई को 143 भूमि स्वामियों को मुआवजा संबंधी नोटिस जारी किए गए, जबकि ग्रामसभा से इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत ने पूर्व में भी जिला कलेक्टर को आवेदन देकर भूमि अधिग्रहण का विरोध किया था। इसके बाद 14 जुलाई को पुन: कलेक्टर अजीत बसंत से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उनके आवेदन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि 15 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारी गांव पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि गांव का अधिग्रहण वर्ष 2001 में हो चुका है। इस पर ग्रामीणों ने अधिग्रहण से संबंधित ग्रामसभा के प्रस्ताव, अधिसूचना और अन्य वैधानिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
ग्रामीणों ने संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा अधिनियम-1996 तथा विभिन्न न्यायालयीन निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल बेयरिंग एरिया (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 के तहत आवश्यक नोटिस, आपत्तियां आमंत्रित करने, सुनवाई और निराकरण की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
बैठक में मौजूद वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में एसईसीएल परियोजना के लिए ग्रामसभा की कोई सहमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं किया गया।
वर्तमान सरपंच पुष्पा सिंह पैकरा ने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देना चाहते, क्योंकि इससे उनके भविष्य और आजीविका पर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्रामसभा के प्रस्ताव को मान्यता देने, प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई निरस्त करने, अधिग्रहण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा बिना ग्रामसभा की सहमति किसी भी प्रकार की सर्वेक्षण या अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
बैठक में उपसरपंच, वार्ड पंच, पूर्व सरपंच, पूर्व पंच, सामाजिक कार्यकर्ता बलदेव प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला और युवा उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
लखनपुर,17 जुलाई। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कटकोना के ग्रामीणों ने एसईसीएल अमेरा परियोजना के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए कलेक्टर सरगुजा को फॉलोअप आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत भी आवेदन देकर अधिग्रहण से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल अमेरा परियोजना की ओर से 30 मई को 143 भूमि स्वामियों को मुआवजा संबंधी नोटिस जारी किए गए, जबकि ग्रामसभा से इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत ने पूर्व में भी जिला कलेक्टर को आवेदन देकर भूमि अधिग्रहण का विरोध किया था। इसके बाद 14 जुलाई को पुन: कलेक्टर अजीत बसंत से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उनके आवेदन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि 15 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारी गांव पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि गांव का अधिग्रहण वर्ष 2001 में हो चुका है। इस पर ग्रामीणों ने अधिग्रहण से संबंधित ग्रामसभा के प्रस्ताव, अधिसूचना और अन्य वैधानिक दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।
ग्रामीणों ने संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा अधिनियम-1996 तथा विभिन्न न्यायालयीन निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में ग्रामसभा की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कोल बेयरिंग एरिया (अधिग्रहण एवं विकास) अधिनियम, 1957 के तहत आवश्यक नोटिस, आपत्तियां आमंत्रित करने, सुनवाई और निराकरण की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
बैठक में मौजूद वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने भी दावा किया कि उनके कार्यकाल में एसईसीएल परियोजना के लिए ग्रामसभा की कोई सहमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं किया गया।
वर्तमान सरपंच पुष्पा सिंह पैकरा ने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देना चाहते, क्योंकि इससे उनके भविष्य और आजीविका पर असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से ग्रामसभा के प्रस्ताव को मान्यता देने, प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई निरस्त करने, अधिग्रहण से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा बिना ग्रामसभा की सहमति किसी भी प्रकार की सर्वेक्षण या अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
बैठक में उपसरपंच, वार्ड पंच, पूर्व सरपंच, पूर्व पंच, सामाजिक कार्यकर्ता बलदेव प्रसाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला और युवा उपस्थित रहे।