सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सहभागिता का महत्वपूर्ण माध्यम बनी रथयात्रा
सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सहभागिता का महत्वपूर्ण माध्यम बनी रथयात्रा
बालको के भक्तिमय आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
बालकोनगर, 17 जुलाई। बालको ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा का आयोजन बालकोनगर उत्कल भारती समिति द्वारा किया गया। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) निकेत श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं बड़ी संख्या में नगरवासी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
बालको ने बताया कि निकेत श्रीवास्तव ने पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस पावन परंपरा में सहभागिता निभाई। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के आगे चल रहे कर्मा नृत्य दल ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया। रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना की गई तथा विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
बालको ने बताया कि आयोजन समिति के अनुसार 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।
बालको के भक्तिमय आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
बालकोनगर, 17 जुलाई। बालको ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा का आयोजन बालकोनगर उत्कल भारती समिति द्वारा किया गया। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) निकेत श्रीवास्तव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं बड़ी संख्या में नगरवासी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के पश्चात भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
बालको ने बताया कि निकेत श्रीवास्तव ने पूजा-अर्चना कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस पावन परंपरा में सहभागिता निभाई। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रथयात्रा के आगे चल रहे कर्मा नृत्य दल ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया। रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना की गई तथा विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
बालको ने बताया कि आयोजन समिति के अनुसार 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।