धनुश्री बनीं फेमिना मिस इंडिया-2026 (MP) विनर:बोलीं-सिवनी से स्टेट क्राउन तक का सफर माता-पिता के साथ से हुआ पूरा, मानुषी छिल्लर से मिली प्रेरणा

Femina 2026 के मध्यप्रदेश स्टेट ग्रैंड फिनाले में सिवनी की धनुश्री चौहान ने ताज अपने नाम किया। भोपाल में पहली बार आयोजित इस फिनाले की थीम “सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट, जीरो-वेस्ट इवेंट” रही, जहां पूरे प्रदेश से चुनी गईं 16 प्रतिभागियों ने खिताब के लिए मुकाबला किया। जीत के साथ धनुश्री अब राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। 60 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत वाले इस मंच का स्टेट फिनाले राजधानी में होना प्रदेश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक पल माना जा रहा है। सिवनी से स्टेट क्राउन तक का सफर धनुश्री चौहान ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के छोटे से जिले सिवनी से आती हैं। परिवार का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने कहा, “जब मैं 13 साल की थी, तब पहली बार घर पर बताया था कि मैं इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहती हूं। माता-पिता ने उसी दिन से पूरा साथ दिया।” फिनाले के दौरान उनके माता-पिता सामने बैठे थे और पूरे कार्यक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। धनुश्री फिलहाल लॉ की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ इस प्रतियोगिता की तैयारी कर रही थीं। मानुषी छिल्लर से मिली प्रेरणा धनुश्री ने बताया कि उन्हें इस मंच तक पहुंचने की प्रेरणा मानुषी छिल्लर से मिली। “जब मानुषी मिस वर्ल्ड बनीं, तब मैं आठवीं कक्षा में थी। उन्हें देखकर लगा कि यह मंच कितना प्रभावशाली है। उसी समय तय कर लिया था कि एक दिन इस प्रतियोगिता में जरूर भाग लूंगी”। अब उनका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतना है। वे कहती हैं कि इसके लिए टेक्निकल रिक्वायरमेंट, प्रोफेशनल ग्रूमिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट जैसे कई पहलुओं पर गंभीरता से काम करेंगी। पर्यावरण बनी फोकस थीम इस बार का आयोजन “सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट, जीरो-वेस्ट इवेंट” थीम पर आधारित था। मंच सज्जा से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। धनुश्री ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपने जंगलों और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। “पर्यावरण आज पूरी दुनिया की चुनौती है। इससे कोई अछूता नहीं है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदारी निभानी होगी,”। 60 साल की विरासत, पहली बार भोपाल में फिनाले फेमिना की सिटी डायरेक्टर अपेक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 60 साल की विरासत वाला फेमिना ब्रांड पहली बार भोपाल आया है। उन्होंने बताया कि अब स्टेट लेवल पर ही विजेता को क्राउन दिया जाता है। पहले राज्य स्तर के विजेता को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद ही ताज मिलता था। इस बदलाव से प्रदेश की प्रतिभाओं को बड़ा मंच घर के पास ही मिल रहा है।

धनुश्री बनीं फेमिना मिस इंडिया-2026 (MP) विनर:बोलीं-सिवनी से स्टेट क्राउन तक का सफर माता-पिता के साथ से हुआ पूरा, मानुषी छिल्लर से मिली प्रेरणा
Femina 2026 के मध्यप्रदेश स्टेट ग्रैंड फिनाले में सिवनी की धनुश्री चौहान ने ताज अपने नाम किया। भोपाल में पहली बार आयोजित इस फिनाले की थीम “सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट, जीरो-वेस्ट इवेंट” रही, जहां पूरे प्रदेश से चुनी गईं 16 प्रतिभागियों ने खिताब के लिए मुकाबला किया। जीत के साथ धनुश्री अब राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। 60 वर्षों से अधिक पुरानी विरासत वाले इस मंच का स्टेट फिनाले राजधानी में होना प्रदेश के युवाओं के लिए ऐतिहासिक पल माना जा रहा है। सिवनी से स्टेट क्राउन तक का सफर धनुश्री चौहान ने बताया कि वे मध्यप्रदेश के छोटे से जिले सिवनी से आती हैं। परिवार का समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्होंने कहा, “जब मैं 13 साल की थी, तब पहली बार घर पर बताया था कि मैं इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहती हूं। माता-पिता ने उसी दिन से पूरा साथ दिया।” फिनाले के दौरान उनके माता-पिता सामने बैठे थे और पूरे कार्यक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। धनुश्री फिलहाल लॉ की छात्रा हैं और पढ़ाई के साथ इस प्रतियोगिता की तैयारी कर रही थीं। मानुषी छिल्लर से मिली प्रेरणा धनुश्री ने बताया कि उन्हें इस मंच तक पहुंचने की प्रेरणा मानुषी छिल्लर से मिली। “जब मानुषी मिस वर्ल्ड बनीं, तब मैं आठवीं कक्षा में थी। उन्हें देखकर लगा कि यह मंच कितना प्रभावशाली है। उसी समय तय कर लिया था कि एक दिन इस प्रतियोगिता में जरूर भाग लूंगी”। अब उनका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतना है। वे कहती हैं कि इसके लिए टेक्निकल रिक्वायरमेंट, प्रोफेशनल ग्रूमिंग और पर्सनालिटी डेवलपमेंट जैसे कई पहलुओं पर गंभीरता से काम करेंगी। पर्यावरण बनी फोकस थीम इस बार का आयोजन “सस्टेनेबिलिटी-फर्स्ट, जीरो-वेस्ट इवेंट” थीम पर आधारित था। मंच सज्जा से लेकर अन्य व्यवस्थाओं तक पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। धनुश्री ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपने जंगलों और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। “पर्यावरण आज पूरी दुनिया की चुनौती है। इससे कोई अछूता नहीं है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर भी जिम्मेदारी निभानी होगी,”। 60 साल की विरासत, पहली बार भोपाल में फिनाले फेमिना की सिटी डायरेक्टर अपेक्षा श्रीवास्तव ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 60 साल की विरासत वाला फेमिना ब्रांड पहली बार भोपाल आया है। उन्होंने बताया कि अब स्टेट लेवल पर ही विजेता को क्राउन दिया जाता है। पहले राज्य स्तर के विजेता को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद ही ताज मिलता था। इस बदलाव से प्रदेश की प्रतिभाओं को बड़ा मंच घर के पास ही मिल रहा है।