राज्य स्थापना दिवस पर सरकारी दफ्तरें जगमगा रहीं, पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति उपेक्षित
राज्य स्थापना दिवस पर सरकारी दफ्तरें जगमगा रहीं, पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति उपेक्षित
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने उद्घाटन किया था
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 1 नवम्बर। राज्योत्सव पर तमाम सरकारी दफ्तरें बिजली की झालरों से जगमगा रहीं है, लेकिन महासमुंद कलेक्टोरेट के दरवाजे पर खड़ी छत्तीसगढ़ महतारी की अनदेखी हुई है। कल 2 नवबर से महासमुंद में भी तीन दिनी राज्य उत्सव है। इस उत्सव के माहौल में भी कलेक्टोरेट के सामने स्थित गांधी उद्यान के बीच में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा अपनी हाल पर खड़ी है।
बताना जरूरी है कि बड़ी-बड़ी बिखरी हुई कटीली झाडिय़ों के बीच छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति में से मुकुट कब टूटकर गिर गई, किसी को पता तक नहीं चला। इस मूर्ति पर पहली और आखिरी बार स्थापना के वक्त ही रंग रोगन किया गया था।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने उद्घाटन किया था
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 1 नवम्बर। राज्योत्सव पर तमाम सरकारी दफ्तरें बिजली की झालरों से जगमगा रहीं है, लेकिन महासमुंद कलेक्टोरेट के दरवाजे पर खड़ी छत्तीसगढ़ महतारी की अनदेखी हुई है। कल 2 नवबर से महासमुंद में भी तीन दिनी राज्य उत्सव है। इस उत्सव के माहौल में भी कलेक्टोरेट के सामने स्थित गांधी उद्यान के बीच में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा अपनी हाल पर खड़ी है।
बताना जरूरी है कि बड़ी-बड़ी बिखरी हुई कटीली झाडिय़ों के बीच छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति में से मुकुट कब टूटकर गिर गई, किसी को पता तक नहीं चला। इस मूर्ति पर पहली और आखिरी बार स्थापना के वक्त ही रंग रोगन किया गया था।