सतना में फार्मासिस्ट नहीं मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर सील:एसडीएम की मौजूदगी में ड्रग इंस्पेक्टर ने की कार्रवाई, बिना फार्मासिस्ट दवा बेचने पर सख्ती

सतना में सोमवार को तीन मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई हुई। जांच के दौरान दुकानों पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले, जिसके बाद टीम ने तीनों मेडिकल स्टोर सील कर दिए। यह कार्रवाई सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया और ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने की। टीम में डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. नलिनी शुक्ला और लिपिक आशुतोष पयासी भी शामिल थे। एसडीएम के नेतृत्व में जांच टीम रहेजा मेडिकल, प्रत्यक्ष मेडिकल और शीतलाज मेडिकोज पहुंची। जांच में न तो दुकानदार मिले और न ही पंजीकृत फार्मासिस्ट। दवाइयों की बिक्री के समय फार्मासिस्ट का मौजूद रहना जरूरी होता है। नियमों के उल्लंघन पर एसडीएम ने मौके पर ही तीनों दुकानों को सील करने के आदेश दिए। छिंदवाड़ा में हुई घटना के बाद बढ़ी सख्ती छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप पीने से 24 बच्चों की मौत के बाद प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों की जांच तेज की गई है। एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने आदेश जारी किया है कि किसी भी दुकान पर बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा बेचने पर कार्रवाई होगी। फार्मेसी एक्ट 1949 की धारा 42 के तहत तीन महीने की सजा, दो लाख रुपए जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने बताया कि तीनों मेडिकल स्टोर पर बिना फार्मासिस्ट दवा बेचना साबित हुआ है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर गलती है। अब दुकानदारों को नोटिस भेजा जाएगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सतना में फार्मासिस्ट नहीं मिलने पर तीन मेडिकल स्टोर सील:एसडीएम की मौजूदगी में ड्रग इंस्पेक्टर ने की कार्रवाई, बिना फार्मासिस्ट दवा बेचने पर सख्ती
सतना में सोमवार को तीन मेडिकल दुकानों पर कार्रवाई हुई। जांच के दौरान दुकानों पर फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले, जिसके बाद टीम ने तीनों मेडिकल स्टोर सील कर दिए। यह कार्रवाई सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया और ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने की। टीम में डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. नलिनी शुक्ला और लिपिक आशुतोष पयासी भी शामिल थे। एसडीएम के नेतृत्व में जांच टीम रहेजा मेडिकल, प्रत्यक्ष मेडिकल और शीतलाज मेडिकोज पहुंची। जांच में न तो दुकानदार मिले और न ही पंजीकृत फार्मासिस्ट। दवाइयों की बिक्री के समय फार्मासिस्ट का मौजूद रहना जरूरी होता है। नियमों के उल्लंघन पर एसडीएम ने मौके पर ही तीनों दुकानों को सील करने के आदेश दिए। छिंदवाड़ा में हुई घटना के बाद बढ़ी सख्ती छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप पीने से 24 बच्चों की मौत के बाद प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों की जांच तेज की गई है। एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने आदेश जारी किया है कि किसी भी दुकान पर बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के दवा बेचने पर कार्रवाई होगी। फार्मेसी एक्ट 1949 की धारा 42 के तहत तीन महीने की सजा, दो लाख रुपए जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे ने बताया कि तीनों मेडिकल स्टोर पर बिना फार्मासिस्ट दवा बेचना साबित हुआ है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर गलती है। अब दुकानदारों को नोटिस भेजा जाएगा। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।