पारंपरिक क्लास रूम लर्निंग से आगे बढ़ाकर ज्ञान गंगा एजु. एकेडमी भविष्य के लिए कर रही तैयार

स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल का भव्य आयोजन रायपुर, 27 जुलाई। ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी, रायपुर ने बताया कि स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल 2026-27 का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। सीबीएसई की इस प्रतिष्ठित पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक क्लास रूम लर्निंग से आगे बढ़ाकर उन्हें रियल-वर्ल्ड लर्निंग, स्किल-बेस्ड एजुकेशन एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत व्यवस्थित एवं पेशेवर ढंग से किया गया। एकेडमी ने बताया कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 के अंतर्गत आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लगभग 33 विद्यालयों के प्रिंसिपल, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों सहित लगभग 400 प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लगभग 67 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स आकर्षण का केंद्र रहे। एकेडमी ने बताया किएआई, कोडिंग, मेडिसिन, हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों पर आधारित इन प्रोजेक्ट्स ने उपस्थित अतिथियों को विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी, इनोवेशन एवं प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स से प्रभावित किया। इन प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध किया कि आज के विद्यार्थी क्रिएटिव इकोनॉमी और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एकेडमी ने बताया कि गणेश वंदना तथा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति भजे हम ने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। विद्यालय की प्रिंसिपल प्रतिमा राजगोर ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए विद्यालय की प्रैक्टिकल लर्निंग एवं स्किल-बेस्ड एजुकेशन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता का विकास भी उतना ही आवश्यक है।

पारंपरिक क्लास रूम लर्निंग से आगे बढ़ाकर ज्ञान गंगा एजु. एकेडमी भविष्य के लिए कर रही तैयार
स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल का भव्य आयोजन रायपुर, 27 जुलाई। ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी, रायपुर ने बताया कि स्किल एक्सपो एवं गाइडेंस फेस्टिवल 2026-27 का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। सीबीएसई की इस प्रतिष्ठित पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक क्लास रूम लर्निंग से आगे बढ़ाकर उन्हें रियल-वर्ल्ड लर्निंग, स्किल-बेस्ड एजुकेशन एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत व्यवस्थित एवं पेशेवर ढंग से किया गया। एकेडमी ने बताया कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) 2020 के अंतर्गत आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लगभग 33 विद्यालयों के प्रिंसिपल, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों सहित लगभग 400 प्रतिभागियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लगभग 67 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स आकर्षण का केंद्र रहे। एकेडमी ने बताया किएआई, कोडिंग, मेडिसिन, हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों पर आधारित इन प्रोजेक्ट्स ने उपस्थित अतिथियों को विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी, इनोवेशन एवं प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स से प्रभावित किया। इन प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध किया कि आज के विद्यार्थी क्रिएटिव इकोनॉमी और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एकेडमी ने बताया कि गणेश वंदना तथा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति भजे हम ने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। विद्यालय की प्रिंसिपल प्रतिमा राजगोर ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए विद्यालय की प्रैक्टिकल लर्निंग एवं स्किल-बेस्ड एजुकेशन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता का विकास भी उतना ही आवश्यक है।