मानवता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया पीएम ने श्री गुरुअर्जन देवजी का बलिदान-सिंघोत्रा
मानवता और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया पीएम ने श्री गुरुअर्जन देवजी का बलिदान-सिंघोत्रा
शहीदी दिवस पर छग सिक्ख समाज ने किया नमन
रायपुर, 19 जून। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने बताया कि सिक्खों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ उन्हें नमन किया गया।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि देशभर के गुरुद्वारों में शब्द कीर्तन, सुखमनी साहिब पाठ, अरदास तथा ठंडे मीठे शरबत (छबील) का वितरण कर उनकी महान कुर्बानी को स्मरण किया गया। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने इस अवसर पर देशवासियों से श्री गुरु अर्जन देव जी के जीवन, इतिहास और उनके सिद्धांतों का अध्ययन करने तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने की अपील की है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने संदेशों के माध्यम से श्री गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके त्याग, सेवा, सहिष्णुता और मानव कल्याण के संदेश को स्मरण किया है।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर श्री गुरु अर्जन देव जी के अद्वितीय बलिदान को मानवता, करुणा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके बलिदान को धार्मिक स्वतंत्रता, मानव मूल्यों और अन्याय के विरुद्ध सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा बताया है।
श्री सिंघोत्रा ने यह भी बताया कि श्री गुरु अर्जन देव जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जन्म 15 अप्रैल 1563 को हुआ था। उन्होंने सिक्ख धर्म को संगठित स्वरूप प्रदान किया तथा विश्व मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर प्रदान की, उनके जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों में पवित्र आदि ग्रंथ का संकलन, हरमंदिर साहिब के निर्माण कार्य को पूर्ण करवाना तथा सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए समानता और भाईचारे का संदेश देना शामिल है। उनका बलिदान विश्व इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दिए गए महानतम बलिदानों में गिना जाता है।
शहीदी दिवस पर छग सिक्ख समाज ने किया नमन
रायपुर, 19 जून। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने बताया कि सिक्खों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ उन्हें नमन किया गया।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि देशभर के गुरुद्वारों में शब्द कीर्तन, सुखमनी साहिब पाठ, अरदास तथा ठंडे मीठे शरबत (छबील) का वितरण कर उनकी महान कुर्बानी को स्मरण किया गया। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने इस अवसर पर देशवासियों से श्री गुरु अर्जन देव जी के जीवन, इतिहास और उनके सिद्धांतों का अध्ययन करने तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने की अपील की है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने संदेशों के माध्यम से श्री गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके त्याग, सेवा, सहिष्णुता और मानव कल्याण के संदेश को स्मरण किया है।
श्री सिंघोत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर श्री गुरु अर्जन देव जी के अद्वितीय बलिदान को मानवता, करुणा और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बताया है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके बलिदान को धार्मिक स्वतंत्रता, मानव मूल्यों और अन्याय के विरुद्ध सत्य के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा बताया है।
श्री सिंघोत्रा ने यह भी बताया कि श्री गुरु अर्जन देव जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय उदाहरण है। उनका जन्म 15 अप्रैल 1563 को हुआ था। उन्होंने सिक्ख धर्म को संगठित स्वरूप प्रदान किया तथा विश्व मानवता को अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर प्रदान की, उनके जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों में पवित्र आदि ग्रंथ का संकलन, हरमंदिर साहिब के निर्माण कार्य को पूर्ण करवाना तथा सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए समानता और भाईचारे का संदेश देना शामिल है। उनका बलिदान विश्व इतिहास में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए दिए गए महानतम बलिदानों में गिना जाता है।